हजूर मेरी शादी को 4 साल होने को जा रही हैं लेकिन मैं ससुराल में कम और मायके में ज्यादा रहती हूं इसका कारण यह है कि मेरा पति मुझसे ज्यादा अपनी भाभी से प्यार करता है और उससे ज्यादा बातचीत करता है प्रतिवादी पति ने कहा यह झूठ बोलती है मेरी कोई भाभी है ही नहीं मेरी मां है और मैं मां की बात सुनता हूं उनके हर एक आज्ञा का पालन करता हूं परिवार परामर्श केंद्र में उपस्थित पत्नी कही की अपनी भाभी नहीं बल्कि चचेरी भाभी है पत्नी यह भी कहीं कि मुझे ₹1 भी नहीं देता हैहजूर मेरी शादी को 4 साल होने को जा रही हैं लेकिन मैं ससुराल में कम और मायके में ज्यादा रहती हूं इसका कारण यह है कि मेरा पति मुझसे ज्यादा अपनी भाभी से प्यार करता है और उससे ज्यादा बातचीत करता है प्रतिवादी पति ने कहा यह झूठ बोलती है मेरी कोई भाभी है ही नहीं मेरी मां है और मैं मां की बात सुनता हूं उनके हर एक आज्ञा का पालन करता हूं परिवार परामर्श केंद्र में उपस्थित पत्नी कही की अपनी भाभी नहीं बल्कि चचेरी भाभी है पत्नी यह भी कहीं कि मुझे ₹1 भी नहीं देता है ग्रंथि पति ने कहा मैंने इसके नाम से बैंक खाता खुलवा दिया है किंतु वह खाता हमेशा मायके में रखती है इसमें मेरा कसूर क्या है केंद्र द्वारा काफी समझाने के बाद पत्नी जाने के लिए इस शर्त पर तैयार हुई कि पति मुझे मारपीट नहीं करेगा तभी मैं अपनी ससुराल में रहूंगी पति द्वारा सहमति मिलते ही पत्नी के चेहरे प पर खुशी की लहर छा गई है यह मामला अमोर थाना का है
मामला को सुलझाने में केंद्र के सदस्य अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक स्वाति वैष्ण यंत्री बबीता चौधरी रविंद्र शाह महिला थाने की
पूर्णिमा एवं कार्यालय सहायक आशुतोष कुमार ने अहम भूमिका निभाई।।
आज कुल 16 मामले आये जिसमें से 3 मामलों में पति-पत्नी को मिलाया गया और दो मामलों में समझौता नहीं हो सकी बाकी के मामले को न्यायालय भेजा गया ।।।। मैंने इसके नाम से बैंक खाता खुलवा दिया है किंतु वह खाता हमेशा मायके में रखती है इसमें मेरा कसूर क्या है कि द्वारा काफी समझाने के बाद पत्नी जाने के लिए तैयार हुई कि पति मुझे मारपीट नहीं करेगा तभी मैं अपनी ससुराल में रहूंगी सहमति मिलते ही पत्नी के चेहरे प पर खुशी की लहर छा गई है मामला को सुलझाने में केंद्र के सदस्य अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक स्वाति वैष्ण यंत्री बबीता चौधरी रविंद्र शाह महिला थाना पूर्णिमा एवं कार्यालय सहायक आशुतोष ने अहम भूमिका निभाई।।
आज कुल 16 मामले आये जिसमें से 3 मामलों में पति-पत्नी को मिलाया गया और दो मामलों में समझौता नहीं हो सकी बाकी के मामले को न्यायालय भेजा गया ।।।।














