बिहार में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो प्रशासनिक तानाशाही और वित्तीय बदहाली को उजागर करती है। कटिहार जिला संवेदक संघ पंकज कुमार सिंह ने ग्रामीण कार्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संवेदकों का गंभीर आरोप है कि 50% से अधिक काम पूरा करने के बावजूद, विभाग पिछले अक्टूबर 2025 से एक भी रुपये का भुगतान नहीं कर रहा है। उल्टे, हक मांगने पर अधिकारियों द्वारा ब्लैकलिस्ट करने की धमकियां दी जा रही हैं। वित्तीय संकट और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर संवेदकों ने अब काम पूरी तरह बंद कर दिया है।
कटिहार के स्थानीय होटल राजस्थान में बुधवार, 10 जून 2026 को जिला संवेदक संघ पंकज कुमार की अध्यक्षता मे एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने की। इस बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग और अन्य कार्य विभागों के उच्च पदाधिकारियों के तानाशाही और उदासीन रवैये को लेकर संवेदकों का गुस्सा साफ देखा गया। अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह का कहना है कि संवेदक भारी वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं, बाजार का कर्ज बढ़ चुका है और विभाग कान में तेल डालकर सोया हुआ है।
ग्रामीण कार्य विभाग के संवेदकों का भुगतान नहीं होने के कारण आज सभी प्रताड़ित हैं और गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं। भुगतान के अभाव में मजबूरन सभी कार्यों को बंद कर दिया गया है। हमारे संवेदकों ने 50% से अधिक काम पूरा कर दिया है, फिर भी फंड न होने का रोना रोया जा रहा है। जब विभाग से अपना जायज पैसा मांगा जाता है, तो अधिकारियों द्वारा संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की धमकियां दी जा रही हैं। पिछले अक्टूबर 2025 से कोई भुगतान नहीं किया गया है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि जब तक ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा हमारा पूरा भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक पूरे जिले में काम पूरी तरह बंद रहेगा।
बैठक में संवेदकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जब तक पुराने बकाये का भुगतान नहीं होता, नया काम शुरू नहीं होगा।
बैठक में मुख्य रूप से संवेदक संघ के उपाध्यक्ष रंजन कुमार सिंह, राजेश कुमार यादव, अनवर हुसैन, विष्णु अग्रवाल, आशिक खान, सुनील कुमार, उमेश कुमार सिंह
शिवप्रकाश गुप्ता, विनोद कुमार साह, मुकेश कुमार , चंदन कुमार सिंह, जयंत शर्मा सहित सभी संवेदक उपस्थित रहे।












