एन एफ रेलवे मजदूर यूनियन कटिहार मंडल के बैनर तले शुक्रवार को डीआरएम कार्यालय परिसर में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मंडल रेल प्रबंधक किरेंद्र नरह को रेल कर्मचारियों से जुड़ी 43 सूत्री मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
आयोजित प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पदाधिकारी को मनोज सिंह उमाशंकर सहित अन्य नेताओं ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारियों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। उनकी मुख्य मांगों में आठ घंटे की ड्यूटी व्यवस्था लागू करने, पदोन्नति, एरियर भुगतान, ट्रैक मेंटेनरों की समस्याओं, रेलवे कॉलोनियों की मरम्मत, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, एचआरएमएस संबंधी तकनीकी त्रुटियों के समाधान सहित कई महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
यूनियन द्वारा हक्की बारिस में कटिहार रेलवे के मुख्य प्रवेश द्वार पर भीषण जलजमाव का मुद्दा उठाते हुए इसे यात्रियों, कर्मचारियों और आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी को भी बताया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के पास अब तक जलनिकासी की कोई स्थायी मास्टर प्लान नहीं है, जिसके कारण थोड़ी ही बारिश में मुख्य द्वार तालाब का रूप ले लेता है। इससे आवागमन बाधित होता है, दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है तथा रेलवे की छवि भी प्रभावित होती है।।इसलिये रेलवे प्रशासन इस समस्या को अस्थायी उपायों से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक एवं स्थायी ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार कर प्राथमिकता के इसका निदान करना चाहिए।
वही एन एफ रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारी उमाशंकर ने रेल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि रेल कर्मचारियों की 43 सूत्री मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन तेज करने को बाध्य होगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी एवं यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे।













