मुंबई में बीएमसी के अस्पतालों में दवाइयों की कमी होने वाली है. बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में महज तीन से चार दिनों का स्टॉक बचा है. जानकारी के मुताबिक बीएमसी के अस्पतालों में दवा की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी गई है. दरअसल, बीएमसी के अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली कंपनियों ने बकाया पैसों का भुगतान नहीं होने के कारण यह फैसला लिया है.
बकाया भुगतान को लेकर कंपनियों ने बीएमसी से लिखित आश्वासन मांगा है. हालांकि बीएमसी इस विषय को गंभीरता से देख रही है. बताया जा रहा है कि बीएमसी ने 50 फीसदी भुगतान का वादा किया है. लेकिन दवा स्पलाई करने वाली कंपनियां इसे लिखित में मांग रही हैं. बीएमसी अस्पतालों में दवा आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं पर 120 करोड़ रुपये बकाया है.
प्रभावित हो सकते हैं 27 अस्पताल
याद रहे कि इस कंपनियों के इस फैसले के बाद बीएमसी द्वारा संचालित केईएम, सायन, कुपर, नायर, राजावाड़ी, भगवती, भाभा जैसे 27 अस्पताल प्रभावित हो सकते हैं. बीएमसी से बकाया राशि नहीं मिलने के कारण सरकारी के अस्पतालों में दवा की आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं ने आज मंगलवार सुबह 10 बजे से दवा की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी थी.
बीएमसी अस्पतालों में दवा आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं पर 120 करोड़ रुपये बकाया है. इसमें टेंडर की जमा राशि पिछले चार साल से और नियमित दवा आपूर्ति की राशि पिछले छह माह से बकाया होने के कारण दवा आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं और संस्थाओं से दवा की आपूर्ति बंद करने का निर्णय लिया गया है .
बीएमसी द्वारा संचालित केईएम, सायन, कुपर, नायर, राजावाड़ी, भगवती, भाभा जैसे 27 अस्पताल प्रभावित हो सकते हैं. ऑल फूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष अभय पांडेय ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर संगठन का गुस्सा जाहिर किया. इनका कहना है कि, 13 जनवरी से सभी 27 एमसीजीएम अस्पतालों को दवाओं की आपूर्ति रोकने का सामूहिक निर्णय लिया है.
बीएमसी पर लगभग ₹120 करोड़ का बकाया
इसके अतिरिक्त, पिछले छह महीनों में, स्वेच्छा से आपूर्ति के लिए लंबित भुगतानों ने हमारे सदस्यों पर वित्तीय तनाव को और बढ़ा दिया है. हमारे सदस्यों पर बकाया कुल राशि अब लगभग ₹120 करोड़ है, जिसमें शामिल हैं. हालांकि इस मामले में बीएमसी ने तमाम अस्पताल के अधिकारियों से बैठक की है.
















