बिहार के कटिहार के कर्नल एकेडेमी में प्रसिद्ध हिंदी सिनेमा के जाने – माने फिल्म निर्देशक, लेखक एवं निर्माता मुख्य अतिथि इम्तियाज़ अली का आगमन अत्यंत गौरव और उत्साह का विषय रहा। उनके आगमन से विद्यालय परिसर में रचनात्मकता, उत्साह और प्रेरणा का विशेष वातावरण देखने को मिला। कर्नल एकेडेमी के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक एवं लेखक श्री इम्तियाज़ अली के द्वारा जे. कृष्णमूर्ति एम्फीथिएटर का उद्घाटन किया गया। कर्नल एकेडेमी प्राचार्य राजीव एंड्रू ने कहा कि हमारे विद्यालय के लिए अत्यंत गौरव, हर्ष और प्रेरणा से परिपूर्ण है। आज हमारे बीच हिंदी सिनेमा के प्रख्यात फिल्म निर्देशक, लेखक एवं सृजनशील व्यक्तित्व इम्तियाज़ अली जी पधारे हैं। आपके आगमन से हमारा विद्यालय परिवार स्वयं को अत्यंत सम्मानित महसूस कर रहा है। आपने अपने सिनेमा के माध्यम से युवाओं को सोचने, महसूस करने और अपने भीतर झाँकने की प्रेरणा दी है। आपकी रचनाएँ यह सिखाती हैं कि सफलता का मार्ग आत्मविश्वास, संघर्ष और सच्चे जुनून से होकर गुजरता है। जब वी मेट, रॉकस्टार, हाईवे और तमाशा जैसी फिल्मों में प्रेम, संघर्ष, रिश्तों और पहचान के प्रश्नों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। उनकी फिल्मों के पात्र युवाओं को अपने सपनों को समझने, चुनौतियों से जूझने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं उन्होंने आगे कहा कि इम्तियाज़ अली का सिनेमा सरल होते हुए भी गहराई लिए होता है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है। संगीत, संवाद और कहानी तीनों का संतुलन उनकी फिल्मों की विशेष पहचान है। अंत में, मैं कर्नल एकेडेमी परिवार की ओर से आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत गीत से हुई। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य राजीव एंड्रू ने पुष्पगुच्छ देकर इम्तियाज़ अली का औपचारिक स्वागत किया और उनके फिल्मी सफर, सृजनात्मक दृष्टि तथा युवाओं के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कर्नल एकेडेमी स्थापना दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक एवं लेखक इम्तियाज़ अली के द्वारा विद्यालय की वार्षिक पत्रिका (Epochy) का अनावरण किया गया।
मुख्य अतिथि इम्तियाज़ अली द्वारा विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कक्षाओं के मेधावी विद्यार्थियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
कर्नल एकेडेमी के पूर्व विद्यार्थियों ने कहा की – आज अपने ही विद्यालय के इस मंच पर खड़े होकर बोलना मेरे लिए अत्यंत गर्व और भावुकता का क्षण है। यह वही विद्यालय है, जहाँ मैंने न केवल शिक्षा प्राप्त की, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य अनुशासन, मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास सीखा। प्रिय विद्यार्थियो, मैं आप सभी से यही कहना चाहूँगा कि अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें और मेहनत से कभी पीछे न हटें। असफलता से डरने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि असफलताएँ ही हमें मजबूत बनाती हैं। समय का सही उपयोग करें, अपने शिक्षकों का सम्मान करें और हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। विद्यालय जीवन केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित नहीं होता। खेल, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और अनुशासन हमारे व्यक्तित्व को निखारते हैं। इन अवसरों का पूरा लाभ उठाइए, क्योंकि यही अनुभव आगे चलकर आपके जीवन की नींव बनते हैं।
अंत में, मैं विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने मुझे इस मंच पर बोलने का अवसर दिया। इस विद्यालय से जुड़ी यादें मेरे लिए सदैव अनमोल रहेंगी। मैं आशा करता हूँ कि आप सभी इस विद्यालय का नाम रोशन करेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें समूह नृत्य, नाटक शामिल थे। नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक संदेश भी दिया।
कर्नल एकेडेमी के स्थापना दिवस के अवसर मुख्य अतिथी श्री इम्तियाज़ अली ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सपनों को साकार करने के लिए जुनून, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता का रास्ता आसान नहीं था, लेकिन कठिनाइयों ने ही उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी रुचियों को पहचानने और उन्हें निखारने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन है। कहानी, संगीत और भावनाओं के माध्यम से हम लोगों के दिलों तक पहुँच सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सृजनात्मक सोच विकसित करने, अधिक पढ़ने, देखने और अपने अनुभवों को अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। अतिथि श्री गुरुबचन जी ने कहा की आज इस विद्यालय के पावन प्रांगण में आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का अनुभव हो रहा है। जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं मुझे यह देखकर विशेष प्रसन्नता हो रही है कि यह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक, खेल एवं नैतिक मूल्यों के विकास पर भी समान रूप से ध्यान देता है। ऐसे विद्यालय ही सशक्त और जिम्मेदार नागरिक तैयार करते हैं। अंत में, मैं विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ और आशा करता हूँ कि यहाँ से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा बनेगा। अतिथि श्री नितिन गुप्ता के द्वारा कहा गया की आज के समय में केवल अंक नहीं, बल्कि कौशल, रचनात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत ही सफलता की असली पहचान है। अतिथि ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे असफलताओं से निराश न हों,
क्योंकि “हर अनुभव हमें बेहतर बनाता है और सही दिशा दिखाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि “स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ किया गया प्रयास किसी भी करियर को ऊँचाइयों तक ले जा सकता है।” अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपनों पर विश्वास रखें और समाज व देश के लिए उपयोगी बनने का संकल्प लें।
विद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्य अतिथि एवं प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्री इम्तियाज़ अली को विद्यालय के प्रमुख कर्नल अक्षय यादव के द्वारा पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर सम्मनित किया गया। विद्यालय प्रबंधन एवं प्रधानाचार्य द्वारा उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने इस आत्मीय सम्मान के लिए विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।
विद्यालय के प्राचार्य राजीव एंड्रू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया – इस गरिमामय स्थापना दिवस समारोह के सफल आयोजन पर मैं विद्यालय परिवार की ओर से सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मैं विशेष रूप से हमारे मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्री इम्तियाज़ अली का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने अपने बहुमूल्य समय में से समय निकालकर हमारे विद्यार्थियों को प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्रदान किया। आज आपने अपने प्रेरणादायक शब्दों, अनुभवों और रचनात्मक सोच से हमारे विद्यार्थियों को नई दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया। करियर, विशेषकर फिल्म एवं क्रिएटिव क्षेत्र को लेकर आपके विचार विद्यार्थियों के लिए अत्यंत मार्गदर्शक और प्रेरक रहे। उनके विचार विद्यार्थियों के लिए निश्चित ही दिशा-निर्देशक सिद्ध होंगे। मैं सभी सम्मानित अतिथियों, अभिभावकों, पूर्व विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनकी उपस्थिति से समारोह की गरिमा बढ़ी। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आयोजन समिति को उनके समर्पण और सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूँ। आप सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम सफल एवं अविस्मरणीय बना।
















