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कटिहार में जागरूकता की पहल: भूमिका विहार की एकदिवसीय कार्यशाला में सीमांचल से जुटे 100+ प्रतिभागी

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भूमिका विहार द्वारा आज दिनांक 19 दिसम्बर 2025 को कटिहार स्थित भोला मिष्ठान भंडार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अभिलाषा परिवार स्वयंसेवी संस्था ने स्थानीय आयोजक की भूमिका निभाई। कार्यशाला में सीमांचल क्षेत्र के कटिहार, पूर्णिया, अररिया एवं किशनगंज जिलों से लगभग 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं दुर्गा जत्था की किशोरियाँ प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी, बदलते स्वरूप में हो रही डिजिटल माध्यमों से तस्करी, एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के दुरुपयोग, तथा इसके बच्चों एवं युवाओं के जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर गंभीर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार सिंह सचिव अभिलाषा परिवार स्वयंसेवी संस्था सह अध्यक्ष बाल कल्याण समिति कटिहार द्वारा किया गया। भूमिका विहार की निदेशक सुश्री शिल्पी सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों, वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और सामुदायिक जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर खुशबू और नंदनी को उनके समाज में रोल मॉडल बनने तथा परिवार की पहली स्नातक होने के लिए दस हज़ार (10,000) का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से तुलसी के पौधे भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्तव्य एवं बिंदु:-
• बाल अधिकार विशेषज्ञ श्री सुनील जी ने अपने संबोधन में कहा कि “कभी नौकरी का झूठा ऑफर देकर तो कभी फर्जी पहचान (फेक आईडी) बनाकर ये दलाल बेहद आसानी से बच्चों, लड़कियों और युवाओं को अपने जाल में फँसा लेते हैं। डिजिटल दुनिया में बढ़ती सक्रियता के साथ सतर्कता और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।”
• डालसा सचिव श्री कमलेश जी ने सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त अभियान “आशा” की जानकारी साझा की।
• एडीसीपी श्री रवि शंकर तिवारी जी ने मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने का संदेश दिया और यह पहचानने की आवश्यकता पर जोर दिया कि कौन बहला-फुसला रहा है।
• डीपीओ (शिक्षा विभाग) श्री रवि रंजन जी ने बच्चों की शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि विद्यालयों में भी इन विषयों पर खुली चर्चा होनी चाहिए।
• एसपी कार्यालय से इंस्पेक्टर एम.डी. सैयद आलम जी ने बताया कि कई मामलों में बच्चे केवल ऑनलाइन बातचीत के आधार पर घर छोड़ देते हैं। उन्होंने कानूनी व सामाजिक प्रयासों के साथ-साथ अभिभावकों को भी डिजिटल ठगों से सतर्क करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
• जिला पंचायती राज अधिकारी श्री मित्तल कुमार ने आम सभा बैठकों में इन मुद्दों को उठाकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत बताई।
• जिला पार्षद श्रीमती रश्मि सिंह ने कहा कि गाँव-गाँव जाकर बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति कटिहार के सदस्य अरुण कुमार चौबे, अभिलाषा परिवार के विनोद पोद्दार सहित भूमिका बिहार के रविश कुमार, आशुतोष कुमार सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी बातों को रखा ।
कार्यक्रम में नेहा, रिया, सुमन, अंजली, जयंती, खुशी, चाँदनी, पार्वती, अनुराधा, ब्यूटी, ज्योति, ऋतु, शोभा, डिम्पल सहित अनेक दुर्गा जत्था की बेटियों ने सक्रिय भागीदारी की और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि समुदाय, संस्थाएँ और प्रशासन मिलकर बच्चों एवं युवाओं को तस्करी और डिजिटल शोषण से सुरक्षित रखने हेतु निरंतर प्रयास करेंगे।

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