कटिहार जिलाहसनगंज प्रखंड क्षेत्र मे प्राथमिक शिक्षा कहीं सामुदायिक भवन के एक कमरे मे तो कहीं पैक्स गोदाम में सिमटती नजर आ रही है। ऐसे में बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा करना बेमानी लग रहा है। प्रखंड क्षेत्र के जगरनाथपुर पंचायत स्थित वर्ष 2007 में स्थापित प्राथमिक विद्यालय मननपुर आठ वर्षो तक सामुदायिक भवन के एक कमरे में संचालित हुआ तो अब नौ वर्षो से पैक्स गोदाम के दो कमरे में संचालित हो रहा है। ये अजब विडंबना है,की इस विद्यालय को अपना भूमि और भवन निर्माण के लिए राशि भी आवंटित किया गया परंतु अभी तक भवन निर्माण नही हो पाया है। इस संदर्भ में विद्यालय के शिक्षक मो शम्स ने बताया की ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है,की विद्यालय को अपनी भूमि उपलब्ध रहने और भवन निर्माण की राशि आवंटित होने के बाद भी कुछ परिवार द्वारा अतिक्रमण किए जाने की वजह से भवन निर्माण नही हो पा रहा है। जबकि तीन,चार बार भवन निर्माण के लिए राशि भी आवंटित हो चुकी है,जो वापस लौट जाती है। ऐसे में पैक्स गोदाम के दो कमरों में एक कमरे में वर्ग एक से तीन एवं दूसरे कमरे में चार और पांच की कक्षा संचालित हो रही है। विद्यालय मे कुल 210 बच्चे नामांकित है। जिसमे प्रतिदिन एक सौ 40 से एक सौ 80 बच्चे उपस्थित रहते हैं। ऐसे में कमरे मे खिड़की के बदले छोटा छोटा भिंडी लेशन है। जिस वजह से गर्मी में हवा का अनुकूल प्रवाह नही होने से कई बार बच्चे मूर्छित होने लगते हैं।जिसे पानी का छींटा देना पड़ता है। और पठन पाठन करने व करवाने मे भी काफी बाधाएं उत्पन्न होती है।
वही जगरनाथपुर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय बघुआकोल की भी ऐसी ही स्थिति है। जहां विद्यालय को अपना भूमि नही रहने की वजह से विद्यालय सामुदायिक भवन के एक कमरे मे वर्ग एक से पांच तक की कक्षा संचालित हो रही है। प्रभारी प्रधानाध्यापक मो रफीक आलम ने बताया की विद्यालय को अपनी भूमि उपलब्ध नहीं होने की वजह से13 वर्षो से यह विद्यालय सामुदायिक भवन के एक कमरे में संचालित हो रहा है। सामुदायिक भवन में एक छोटा कमरा है जिसमे कार्यालय व मध्यान भोजन की सामग्री रखी जाती है। और एक बड़ा कमरा में एक से पांच तक का वर्ग संचालित किया जाता है। वहीं बरामदे पर मध्यान भोजन बनाया जाता है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कृष्णानंद कुमार ने बताया की विद्यालय को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट करने को लेकर विभाग को सूचित किया गया है। आदेश मिलते ही ऐसे विद्यालय को दूसरे विद्यालय मे शिफ्ट कर दिया जाएगा।
















