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ट्रेनों के स्मार्ट, सुरक्षित और अधिक कुशल परिचालन के लिएभारतीय रेल ने अत्याधुनिक एकीकृत ट्रैक निगरानी प्रणाली किया शुरू।

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भारत के रेल बुनियादी अवसंरचना ढांचे को और अधिक आधुनिक करने के क्रम में व्यापक ट्रैक निगरानी के लिए ट्रैक रिकॉर्डिंग कारों (टीआरसी) पर एकीकृत ट्रैक निगरानी प्रणाली (आईटीएमएस) स्थापित की गई है। इस पहल का उद्देश्य ट्रैक निरीक्षण और अनुरक्षण में सुधार के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ रेलवे नेटवर्क की संरक्षा और दक्षता को बढ़ाना है। मालीगांव के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि नई दिल्ली स्टेशन पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रैकमैनों और पटरियों के अनुरक्षण के लिए जिम्मेदार कर्मियों के जीवन में सुधार के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आईटीएमएस के उपयोग से ट्रैकमैनों की पहुंच अब सटीक, रियल टाइम डेटा तक हो पाएगी, जो उनके काम को आसान, सुरक्षित और अधिक कुशल बना देगा। उन्होंने कहा कि ट्रैक की निगरानी के लिए प्रत्येक जोन में रेल ट्रैक रिकॉर्डर वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। ।।।आईटीएमएस को 20 से 200 कि.मी./ घंटा की गति से चलने के दौरान वास्तविक समय पर विभिन्न ट्रैक मापदंडों की निगरानी और रिकॉर्ड करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कई अत्याधुनिक तकनीकों को एकीकृत कर आईटीएमएस भारतीय रेल नेटवर्क के सुचारू और संरक्षित परिचालन को सुनिश्चित करता है। यह आईटीएमएस प्रणाली ट्रैक संरेखण और ज्यामेट्री माप के लिए संपर्क रहित लेजर सेंसर; ट्रैक की स्थिति की निगरानी और त्रुटियों की पहचान करने के लिए हाई-स्पीड कैमरे; ट्रैक की सतह की 3D मैपिंग के लिए लिडार (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग), गतिविधि और सवारी की गुणवत्ता की सटीक ट्रैकिंग के लिए इनरशियल मेज़रमेंट यूनिट (आईएमयू), एक्सेलेरोमीटर एवं जीपीएस सिस्टम से लैस है। ऑनबोर्ड सेंसर द्वारा एकत्र किए गए डेटा को अत्याधुनिक एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर का उपयोग करके विकसित और ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) में एकीकृत किया जाता है। यह प्रणाली ट्रैक की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रदान करती है, जिसे रेल अधिकारियों द्वारा टीएमएस पोर्टल के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। वही रेल मंत्री ने नई दिल्ली स्टेशन पर सड़क सह रेल निरीक्षण वाहन (आरसीआरआईवी) का भी निरीक्षण किया। आरसीआरआईवी को टाटा योद्धा रोड व्हीकल मॉडल में पीछे की तरफ 750 मि.मी. व्यास के लोहे के 2 पहिए और सामने की तरफ 250 मि.मी. के लोहे के 2 पहिए लगाए गए है। इसके अतिरिक्त, इसमें 3 कैमरे लगे हैं जो ट्रैक रिकॉर्ड करेंगे। इसकी रिकॉर्डिंग बैकअप करीब 15 दिनों की होगी। आईटीएमएस को 2022-23 और 2023-24 में सफलतापूर्वक शुरू किया गया है, जिसमें तीन आईटीएमएस यूनिट पहले से ही भारतीय रेल में तैनात हैं। ये य़ूनिट सात टीआरसी के एक बड़े बेड़ा का हिस्सा हैं, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 2.54 लाख किलोमीटर ट्रैक की निगरानी करेंगी। आईटीएमएस सिस्टम को आपूर्तिकर्ता संस्था द्वारा सात साल की अवधि के लिए अनुरक्षण और संचालित किया जा रहा है, जो दीर्घकालिक विश्वसनीयता और निरंतर तकनीकी अपडेट सुनिश्चित करता है। आईटीएमएस स्मार्ट, संरक्षित और अधिक कुशल रेलवे परिचालन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने संबंधी सरकार के विजन के अनुरूप है, जिससे न केवल ट्रैकमैनों को, बल्कि देश की रेलवे प्रणाली पर निर्भर सभी यात्रियों को लाभ होगा।

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