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मानव तस्करी के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए बिराटनगर में अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ

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नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी और शोषण की चुनौतियों पर चर्चा करने और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से बिराटनगर में गुरुवार से एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ है। “मानव तस्करी नियंत्रण के लिए प्रतिकार्य को मजबूत करना” शीर्षक पर यह कार्यशाला शुक्रवार को समाप्त होगी।
बिराटनगर के रत्ना होटल में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन नेपाल सरकार, महिला एवं बाल एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्रालय के आयोजन व माईती नेपाल व अंतर्राष्ट्रीय संगठन वर्ड इन डाड के सहयोग से किया गया है । कार्यक्रम में नेपाल और भारत की सरकारी एजेंसियों, सुरक्षा एजेंसियों, स्थानीय निकायों और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
गुरुवार को आयोजित उद्घाटन सत्र में महिला एवं बाल एवं वरिष्ठ नागरिक मंत्री श्रद्धा श्रेष्ठ ने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है क्योंकि यह एक गंभीर अपराध है जो सीमाओं का सम्मान नहीं करता है। मंत्रालय ने तत्काल बचाव और सुरक्षा के लिए काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह एक कार्यविधि तैयार करेंगी और उसे लागू करेंगी। बिराटनगर महानगरपालिका के मेयर नागेश कोइराला कार्यक्रम में विशेष अतिथि थे, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय की सचिव लक्ष्मी कुमारी बसनेत ने की। वही इस कार्यक्रम मे नेपाल और भारत सरकार के प्रतिनिधि, माईती नेपाल की संस्थापक अध्यक्ष अनुराधा कोइराला शामिल है जो, सीमावर्ती क्षेत्र में सामने आ रही चुनौतियों और अनुभवों पर चर्चा करेंगे।
दो दिवसीय कार्यशाला में नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में बच्चों और महिलाओं की तस्करी के नवीनतम रुझानों, बचाव और पुनर्वास में आने वाली समस्याओं, कानूनी और परिचालन समन्वय, सूचना आदान-प्रदान, तकनिकी के उपयोग, संयुक्त कार्य बल के गठन और नियमित द्विपक्षीय संवाद पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों ने बताया कि शुक्रवार को होने वाले सत्रों में पीड़ित-केंद्रित बचाव और पुनर्वास, भारत में नेपाली पीड़ितों की सुरक्षा, सीमावर्ती क्षेत्र में निवारक उपाय, द्विपक्षीय समझौते, कानूनी सहयोग और संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर खुली चर्चा और समूह कार्य शामिल होंगे। मंत्रालय की संयुक्त सचिव आभा श्रेष्ठ ने बताया कि कार्यशाला का औपचारिक समापन समूह चर्चाओं से प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए एक अल्पकालिक और दीर्घकालिक संयुक्त कार्य योजना तैयार करके किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम मानव तस्करी और अवैध व्यापार को रोकने में बेहद कारगर साबित हुआ है।
माईती नेपाल की संस्थापक अनुराधा कोइराला ने कहा कि बिराटनगर में आयोजित इस तरह का कार्यक्रम मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में ऐतिहासिक है। माईती नेपाल पिछले 30 वर्षों से मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही है और उन्होंने कहा कि आज भी विभिन्न कारणों से लड़कियों की तस्करी की जा रही है।
बिराटनगर महानगरपालिका के मेयर नागेश कोइराला ने कहा कि वे समझते हैं कि मानव तस्करी केवल नेपाल के बिराटनगर की ही समस्या नहीं है, बल्कि भारत, श्रीलंका, भूटान, बांग्लादेश सहित दुनिया भर के कई देशों की समस्या है।
उम्मीद है कि यह कार्यशाला मानव तस्करी के खिलाफ नेपाल और भारत के बीच आपसी विश्वास, समन्वय और सहयोग को और मजबूत करेगी। बेंगलुरु, बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के सुरक्षा अधिकारी, मानव तस्करी विरोधी अभियान में कार्यरत संगठन और भारत एवं नेपाल सरकारों के सचिव, संयुक्त सचिव, केंद्र और प्रदेश के अधिकारी इसमें भाग ले रहे हैं।

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