जेन जी आंदोलन के बाद नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह पहली बार शनिवार को सीमा पार विराटनगर पहुंचे।पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह अपने समर्थकों और राजशाही दल के नेताओं को बिना किसी सूचना के ही विराटनगर पहुंचे।हालांकि पूर्व राजा के आगमन को लेकर यातायात पुलिस और सीमित संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई,लेकिन आमजनों के आवागमन को लेकर किसी तरह की बंदिश नहीं लगाई गई थी।जिसके कारण यातायात व्यवस्था आम दिनों के तरह सामान्य रूप से रही।लेकिन अचानक पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह को देखकर लोग सड़क पर रुक गए और उनके समर्थन में थोड़ी बहुत नारेबाजी भी की।
पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह विराटनगर जलजला चौक स्थित शिव मंदिर और काली मंदिर पहुंचे।जहां उन्होंने शनि महाराज और मां काली की पूजा अर्चना की।पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह विराटनगर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ काली मंदिर में मां की प्रतिमा का दर्शन किए और पूजा अर्चना की।वे करीबन 17 मिनट तक शक्तिपीठ मां काली मंदिर में रुके।मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ मीनाक्षी नेपाल ने उनका स्वागत बुके और फूलमालाओं के साथ किया।मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने इस दौरान मंदिर के बारे में पूर्व नरेश को जानकारी दी।हालांकि पूर्व नरेश ने सार्वजनिक तौर पर किसी से कोई बातचीत नहीं की और न मीडिया के समक्ष ही रूबरू हुए।
मोरंग जिला पुलिस के अनुसार,पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह काली मंदिर में दर्शन के लिए झापा जिला के दमक से विराटनगर आए थे।दर्शन के बाद वे विश्राम और भोजन के लिए इटहरी के सॉल्टी होटल के लिए रवाना हो गए।मोरंग पुलिस प्रमुख एसपी कवित कटवाल ने बताया कि दमक-इटहरी-विराटनगर होते हुए वे पुनः इटहरी लौट गए।
















