कर्नल एकेडमी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77 वाँ गणतंत्र दिवस
शहर के सिरसा, कटिहार स्थित कर्नल एकेडमी में 77 वाँ गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को तिरंगे, गुब्बारों और देशभक्ति नारों से सुंदर रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9:30 बजे ध्वजारोहण से हुई, जिसे मुख्य अतिथी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रणव ने संपन्न कराया।
मुख्य अतिथी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रणव द्वारा कार्यक्रम शुभारंभ किया गया उसके बाद मुख्य अतिथी द्वारा बच्चो को मार्च पास्ट की सलामी दी गयी। सम्पूर्ण विधालय के बच्चो को चार हाउस में विभाजित किया गया हैं – टैगोर हाउस, रमण हाउस, आर्यभट हाउस, और गाँधी हाउस इन चारो हाउस के कप्तान के नेतृत्व में मार्च पास्ट का आयोजन किया गया टैगोर हाउस के कप्तान मानव और नेहा कुमारी, रमण हाउस के कप्तान यश राज और संध्या, आर्यभट हाउस के कप्तान यश राज और ऐश्वर्या यादव, गाँधी हाउस के कप्तान अरिंदम यादव और सुष्मि मार्च पास्ट का नेतृत्व किया। मुख्य अतिथी लेफ्टिनेंट कर्नल ने कहा की आज का यह पावन अवसर हमारे देश के गौरवशाली इतिहास और संविधान की महान परंपरा का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र, अनुशासन और एकता का उत्सव है। हमने जो भव्य मार्च पास्ट (परेड) देखा, वह केवल कदमताल नहीं थी, बल्कि वह अनुशासन, एकता, देशभक्ति और संगठन शक्ति का जीवंत प्रतीक थी। विद्यार्थियों की एकसमान चाल, सीधा अनुशासन, एक जैसी वेशभूषा और आत्मविश्वास से भरे कदम यह संदेश देते हैं कि जब देश के युवा संगठित होते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। प्रिय विद्यार्थियों,मार्च पास्ट हमें सिखाता है कि – अनुशासन से ही सफलता मिलती है, एकता में ही शक्ति होती है, संगठन से ही राष्ट्र निर्माण होता है, और देशभक्ति केवल भावना नहीं, बल्कि कर्तव्य।
उसके बाद कक्षा सात के विद्यार्थी शुभम कुमार के द्वारा एक सुंदर अंग्रेजी भाषण दिया गया जिसमे अपने भाषण में भारतीय संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। कक्षा नवी की विद्यार्थी अचला कुमारी के द्वारा एक हिंदी कविता प्रस्तुत की गयी। विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियो के द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमे वर्ग एक, दो, तीन एवं चार के साथ वर्ग छ:, साथ एवं आठ के विद्यार्थियो के द्वारा नृत्य का प्रस्तुत किया गया।
कर्नल एकेडमी के प्रमुख कर्नल अक्षय कुमार यादव ने कहा की अनुशासन हमें आत्मसंयम, जिम्मेदारी और नेतृत्व सिखाता है। मार्च पास्ट और अन्य गतिविधियों में देखा होगा कि अनुशासन के बिना कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता। राष्ट्र की सेना से लेकर विद्यालय तक, हर जगह अनुशासन ही शक्ति है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में वही आगे बढ़ता है जो अपने समय, व्यवहार और कर्तव्यों में अनुशासन रखता है। अनुशासन से ही आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्तित्व निखरता है। विद्यालय के निदेशक अरुण कुमार ने कहा की प्रिय विद्यार्थियों,
आप देश का भविष्य हैं। आज का दिन हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम अपने अधिकारों के साथ – साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करें। देश की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। आज विद्यालय में आयोजित मार्च पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी एकता, अनुशासन और देशभक्ति का सुंदर उदाहरण हैं। प्राचार्य राजीव एंड्रू के द्वारा कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। प्राचार्य राजीव एंड्रू ने कहा की प्रिय विद्यार्थियों, चाहे पढ़ाई हो, खेल हो, संगीत हो या कोई भी कला नियमित अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। पहली बार में असफल होना स्वाभाविक है, लेकिन बार- बार प्रयास करना ही अभ्यास कहलाता है। यही अभ्यास धीरे-धीरे हमारी कमजोरी को शक्ति में बदल देता है। विद्यालय जीवन में अभ्यास का विशेष महत्व है। रोज़ाना पढ़ाई की पुनरावृत्ति, लिखने का अभ्यास, समय का सही उपयोग – ये सभी आदतें आपको आगे चलकर एक सफल और आत्मनिर्भर व्यक्ति बनाती हैं। जो विद्यार्थी नियमित अभ्यास करता है, वह परीक्षा और जीवन दोनों में आत्मविश्वास से आगे बढ़ता है। अभ्यास हमें धैर्य, अनुशासन और एकाग्रता सिखाता है। यह हमें हार से डरना नहीं, बल्कि उससे सीखना सिखाता है। प्राचार्य राजीव एंड्रू के द्वारा अंत में गया कि आज के इस गौरवपूर्ण अवसर गणतंत्र दिवस के सफल आयोजन के लिए मैं विद्यालय परिवार की ओर से आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। सबसे पहले मैं हमारे माननीय मुख्य अतिथि का हार्दिक धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने अपने अमूल्य समय में से समय निकालकर इस समारोह की शोभा बढ़ाई और अपने प्रेरणादायक विचारों से हम सभी को मार्गदर्शन दिया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त शिक्षकगण और कर्मचारियों का मैं विशेष धन्यवाद करता हूँ। अंत में, मैं सभी अभिभावकों एवं उपस्थित जनसमूह का भी धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग और समर्थन दिया।
















