बिहार के कटिहार में महानंदा के बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग द्वारा भीषण बारिश की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है।
कटिहार जिलाधिकारी के निर्देश पे अंचल पदाधिकारी मो रिजवान आलम के आदेश पर महानंदा नदी के तटबंध के अंदर बसे लोगों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थान पर शरण लेने की चेतावनी माइकिंग करा कर दी गई है।मीनापुर आजमनगर तटबंध एवं कुर्सेल से दुर्गापुर तटबंध के अंदर दर्जनों गांव बसे हैं।जिनमें झउवा,बैरिया,शीशबाडी,बिन टोला बाहरखाल, बेलबाड़ी आदि गांव शामिल है।जिसके बाद इन इलाकों में लोग बाढ़ के संभावित खतरे से सहमे हुए है।ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों से नदियों के कैचमेंट में जारी भीषण बारिश के कारण लगभग सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर उफान पर है।इधर कोशी नदी में उफान के कोशी गेट द्वारा पानी छोड़े जाने की भी सूचना है।जिसके कारण अब महानंदा के जलस्तर में भी अप्रत्याशित वृद्धि की संभावना है।विदित हो कि महानंदा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
कटिहार जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने आजमनगर में बाढ़ ग्रस्त इलाके का किया निरीक्षण ,जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से नेपाल के क्षेत्र में लगातार बारिश होने की वजह से महानंदा के कैचमेंट एरिया में काफी ज्यादा पानी बढ़ा है।जिसकी वजह से महानंदा के आसपास के जगह आजमनगर, प्राणपुर में पानी बढ़ा है, जिस वजह से लोगों को सूचित किया जा रहा है कि ऊंचे स्थलों पर जाकर रहे सुरक्षित स्थलों पर जाकर रहे क्योंकि नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रहा है उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया के माध्यम से हम अपील कर रहे हैं कि सभी लोग प्रशासन द्वारा दिए जा रहे अलर्ट का पालन करें ।उन्होंने कहा कि सभी जगह पर्याप्त नाव का व्यवस्था है आपदा से निपटने के लिए सभी प्रकार का व्यवस्था किया गया है, जो भी लोग तटबंध के भीतर रह रहे हैं या बाहर रह रहे हैं वह लगातार प्रशासन के संपर्क में रहे। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी जो दो-तीन दिनों में थोड़ा-थोड़ा घटा है।लगातार बाढ़ राहत का कार्य सभी जगह पर चल रहा है हम उम्मीद करते हैं कि अगले दो से तीन दिन में महानंदा में भी वाटर स्टेबल हो जाएगा। इसलिए लोगों को निचले इलाके से बच्चे,बूढ़े,मवेशी तथा आवश्यक सामग्री के साथ ऊंचे स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गई है।
















