विद्यालय को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है। जहां देश के भविष्य को सजाया संवारा जाता है। लेकिन बच्चों के सामने विद्यालय मे दो शिक्षिकाओं का आपस मे लड़ाई करना बच्चों के मानस पटल पर क्या प्रभाव छोड़ सकता है,इसे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
मामला हसनगंज प्रखंड क्षेत्र के रामपुर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय मुजफ्फर टोला मे सोमवार को प्रधानाध्यापिका शशिप्रभा और वरीय शिक्षिका भारती झा के तू तू मे मे की लड़ाई ने विद्यालय मे हो रही कई अनियमितताओं की ओर इशारा कर दिया है।
प्रधानाध्यापिका शशिप्रभा ने बताया कि शिक्षिका भारती झा अक्सर ऑनलाइन उपस्थिति बनाने के बाद मायके चली जाती है। वहीं ऑनलाइन उपस्थिति बनाने के बाद 10:30 बजे तक विद्यालय नहीं पहुंची थी। जिससे ऑफलाइन उपस्थिति नहीं बनी थी। विद्यालय नहीं पहुंचने पर उनके पति से फोन द्वारा जानकारी लेने पर शिक्षिका विद्यालय आते ही भड़क गई और तू तू मे मे करने लगी।
वरीय शिक्षिका भारती झा का कहना है,की मध्यान भोजन मे अनियमितता बरती जा रही है। बच्चों को कभी हरा सब्जी नहीं दिया जाता है। साथ ही विकास मद के लिए मिलने वाली राशि के संबंध में भी विचार विमर्श नहीं किया जाता है। मेरा डुप्लीकेट हस्ताक्षर कर पास किया जाता है। साथ ही प्रधानाध्यापिका के पति द्वारा विद्यालय मे तानाशाही रवैया अपनाया जाता है। प्रधानाध्यापिका के बदले उनके पति द्वारा हुक्म चलाया जाता है। विद्यालय मे शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इस पर कहे जाने पर प्रधानाध्यापिका द्वारा कहा जाता है,की विद्यालय से गायब रहते है।
वहीं प्रधानाध्यापिका के पति श्याम सुंदर प्रसाद का कहना है,कि हम विभागीय रूप से सरकारी कर्मचारी नहीं हैं। लेकिन मेरी पत्नी प्रधानाध्यापिका शशिप्रभा का का आंख 70 प्रतिशत खराब है। जिसका सर्टिफिकेट भी बना हुआ है। जिस वजह से सिर्फ ऑफिशियल कार्य को मेरे द्वारा किया जाता है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कृष्णानंद कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान मे आने के उपरांत आगे की कारवाई की जाएगी।
इस संदर्भ मे प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि गौतम कुमार का कहना है,की शिक्षिकाओं का आपस मे विद्यालय परिसर में लड़ाई झगड़ा करने का मामला संज्ञान में आया है। जो बहुत ही अशोभनीय कार्य है। इस मामले को लेकर वरीय शिक्षा पदाधिकारी से बात कर आगे की कारवाई की जाएगी।
ऐसे में बड़ा सवाल है,की प्रधानाध्यापिका के पति को सरकारी कार्यालय ( विद्यालय) मे बैठने और सरकारी कार्यों को करने का अधिकार आखिरकार किसने दिया है।
















