कटिहार जिला के हसनगंज प्रखंड में मखाना की फसलों पर इस वर्ष कीट का प्रकोप काफी देखा जा रहा है। बारिश नही होने से जहां मखाना उत्पादक किसानों को बार बार सिंचाई करना परेशानी का सबब बन रहा है। वहीं कीट के प्रकोप ने किसानों के समक्ष जटिल मुसीबत खड़ी कर दी है। कीट के प्रकोप से किसान काफी परेशान हो रहे हैं। कीट मखाना की पत्तियों को चट कर रहा है। इससे मखाना उत्पादक क्षमता प्रभावित होने की आशंका से किसान काफी परेशान दिख रहे हैं। बता दें की कला सोना के नाम से जाने वाली मखाना की खेती की ओर किसानों का रुझान काफी बढ़ा है। नदी तालाबों में होने वाली मखाना की फसल को अब ऊंचे भूमि पर भी मेढ़ बनाकर सिंचाई कर किसान खेती कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों की माने तो हसनगंज प्रखंड क्षेत्र में लगभग 15 सौ एकड़ के रकवे में मखाना की खेती की जाती है। कीट के प्रकोप से मखाना की फसल को बचाने के लिए सहायक निर्देशक विज्ञान ओमप्रकाश मिश्रा ने बताया की दस ग्राम डीवामेक्टिंग बेंजवाइड दवा को 15 लीटर पानी मे मिश्रण कर छिड़काव करने से फसल को कीट के प्रकोप से बचाया जा सकता है।
















