कटिहार रेलमंडल अंतर्गत आरपीएफ ने रेल मदद के तहत दर्ज यात्री की गुम हुई मोबाइल को खोजकर एकबार फिर से सुरक्षित यात्री को सुपुर्द कर एक मिशाल कायम किया है। इस संबंध में आरपीएफ कमांडेंट संदीप कुमार पीएस ने बताया कि आरपीएफ 24*7 यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए तत्पर रहती है। आरपीएफ अब सीईआईआर पोर्टल का उपयोग करके खोए हुए फोन को ब्लॉक और ट्रेस कर रही है। कटिहार रेल मंडल में पूर्व में भी ऑपरेशन अमानत के तहत बरामद किए गए फोन रेल मदद की रिपोर्ट के माध्यम से उन्हें यात्रियों अथवा उसके वास्तविक मालिक को सुरक्षित वापस किए गए है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सफल पायलट परियोजना के बाद राष्ट्रव्यापी स्तर पर इसकी शुरुआत की गई और रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ऑपरेशन अमानत के तहत अब रेल में खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और ट्रैक करने के लिए सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर रहा है। यह नई प्रणाली आरपीएफ को दूरसंचार विभाग के आईएमईआई डेटाबेस से जोड़ती है जिसमें आज आरपीएफ काफी सफल रही है।
वही यात्री अमृतंजय चौबे को उनका गुम हुआ मोबाइल फोन वापस मिलने पर यात्री ने इसके लिए आरपीएफ परिवार को दिल से धन्यवाद देते हुए सेल्यूट किया । उन्होंने कहा कि रेल मदद काफी एक्टिव ऐप है। जिसके त्वरित कार्रवाई के कारण उनका गुम मोबाइल फोन उन्हें वापस मिल पाया जिसकी उक्त यात्री ने मिलने की उम्मीद भी छोड़ दी थी। वही रेलवे सहलाकर समिति के सदस्य शिव अग्रवाल ने कहा कि आरपीएफ ने सहारनियं कार्य किया है। जिसके लिए आरपीएफ प्रशंसा के पात्र है।
















