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कटिहार में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा, चतुर्थ दिवस पर श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी की अमृतवाणी से भावविभोर हुआ शहर

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श्री श्याम मित्र मंडल कटिहार द्वारा अपने संस्था के स्वर्ण जयंती महोत्सव के शुभ अवसर पर आज चतुर्थ दिवस पर भी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ को सुनने एवं भक्ति प्रेम रस मे रम जाने को भाड़ी संख्या मे भक्तजनों की उपस्थिति हो रही है।
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर परम पूज्यनीय श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी के श्रीमुख से प्रवाहित दिव्य वाणी का श्रवण पूरा शहर कर रहा है। भक्ति, ज्ञान और संस्कार से परिपूर्ण यह पावन क्षण मन को आत्मिक शांति प्रदान कर रहा है। भागवत का फल हमारे कर्म, भाव और श्रद्धा के अनुसार ही प्राप्त होता है। भागवत कथा मे कोई ऊंच नीच और गरीब अमीर का भेद नही होता है।
भक्त के विश्वास को पूर्ण करते है प्रभु।
भक्त के भाव को, अपने इष्ट के प्रति भक्त की आस्था को केवल प्रभु ही समझ सकते है इसीलिए जीव को अपना दुख संसार के सामने नहीं केवल प्रभु के सामने ही प्रकट करना
चाहिये। प्रभु पालनहार है, वे शरण में आये भक्तों के सारे दुखों को हर लेते है।
आज श्रीमद् भागवत् सप्ताह कथा महोत्सव के चतुर्थ दिवस की कथा पर यह अध्यात्मिक उद्गार व्यक्त करते हुए परम श्रद्धेय आचार्य श्री गौरवकृष्ण गोस्वामी जी ने कहा कि
जीव को किसी की निन्दा स्तुति करने के बजाय भगवान की ही
चर्चा करनी एवं सुननी चाहिये। प्रभु चरित्रों को श्रवण करने से भगवान का चिन्तन करने से कृपा निश्चित रूप से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि विशाल पेड़ जिस प्रकार छोटी
सी कुल्हाड़ी से कट जाता है उसी प्रकार प्रभु के चरण कमल का स्मरण करने से जीव के सारे
पाप कट जाते है। इसके लिये उसे प्रभु की शरण में आना होगा। प्रभु की हर इच्छा, प्रत्येक लीला को प्रसन्नता से स्वीकार करने वाला ही सच्चा भक्त होता है। भक्त को अपने आदर
सत्कार या सम्मान की कामना नहीं होती। वह तो हर कार्य प्रभु की सेवा समझकर करता है और ऐसी भावना को ही प्रभु स्वीकार करते हैं वह तो केवल भाव के भूखें हैं क्योंकि परमात्मा न तो साकार है न निराकार है वो तो भक्त की इच्छा के अनुसार तदाकार हैं। जैसे भक्त चाहता
है उसे उसी रूप में प्रभु प्राप्त होते हैं। कथा प्रसंग में विशेष महोत्सव के रूप में आज श्री कृष्ण जन्म नन्दोत्सव विशेष धूम-धाम से मनाया गया। प्रभु के प्रगट होने पर गोपियाँ बधाई का सामान लेकर आई और व्यासपीठ भागवत् जी में चढ़ाया। चारों तरफ से यही आवाज गूंज रही थी नन्द
के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की। सभी ने बधाई का प्रसाद प्राप्त किया।
आयोजक श्री श्याम मित्र मंडल परिवार भक्तजनों से आग्रहपूर्वक निवेदन किया कि कल श्री गिरिराज पूजन (छप्पन भोग महोत्सव) विशेष धूम-धाम से मनाया जायेगा। इसमें अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे।
आज प्रातः वृंदावन से आए पूज्य पंडितों जी द्वारा भागवत के जजमानों को पूजा पाठ कराया गया।
बारस ताली कीर्तन ग्रुप, हैप्पी न्यू ईयर कान्हा ग्रुप एवं लखदातार बैंड के द्वारा रात्रि मे रंगारंग भजनों की प्रस्तुति की गई।
स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा पूरा सहयोग श्री श्याम मित्र मंडल के कार्यक्रम को मिल रहा है।

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