एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों की संख्या में जहां लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं दूसरी ओर ऐसे ग्रामीण सड़क सिकुड़ रही है। ग्रामीण सड़कों के अतिक्रमण से वाहन चालक सहित आम लोगों को आवागमन करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पर रहा है। वहीं इस वजह से आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं भी हो रही है। इसके वाबजूद स्थानीय पदाधिकारी एवं अतिक्रमण कर रहे लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बता दें की हसनगंज प्रखंड क्षेत्र सहित कोढ़ा प्रखंड के पलटनिया चौक से हसनगंज प्रखंड को जोड़ने वाली सड़के अतिक्रमण का दंश झेल रही है। इन सड़कों पर पशु पालक सड़क किनारे अपने पशुओं को बांधे रखते हैं। जिससे आधे सड़क पर इन बजुबानो का कब्जा रहता है। वही सड़क किनारे बसे लोग सड़क किनारे जलावन व पशु चारा के लिए मक्के का ठठेरा रख ऐसे सड़को का अतिक्रमण कर लेते हैं। जिससे सड़क के सिकुड़ने से वाहन चालकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं बरसात के मौसम में ऐसे रखे ठठेरा के बीच विषेले जीव जंतुओं के रहने से भी हमेशा भय का आशंका बना रहता है। साथ ही मनरेगा द्वारा किए गए पौधरोपण को भी नुकसान हो रहा है।
















