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कर्नल एकेडमी के छात्रों का शानदार मंचन, दहेज प्रथा पर करारा प्रहार

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दहेज प्रथा और बाल मजदूरी पर जागरूकता का संदेश
सिरसा, कटिहार में स्थित कर्नल एकेडेमी में प्रसिद्ध नाटककार ज्योति जी के नेतृव में नुक्कड़ नाटक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा चार से नवमी तक के विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यशाला समाज के विभिन्न ज्वलंत समस्याओं एवं मूल्यों को ध्यान में रखकर बच्चों की मंचन कराया गया। विद्यार्थियों ने बहुत ही कौतुहल मन से इसको सीखा और मंचन किया। बच्चे सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक समस्याओं की नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करने की कोशिश की। समाज की ज्वलंत समस्याओं जैसे दहेज प्रथा, बाल मजदूरी पर विद्यार्थियों का मंचन कराया गया।
शहर के मुख्य चौराहे, जिसमें कटिहार रेलवे स्टेशन और अड़गड़ा चौक पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें समाज की दो गंभीर समस्याओं – दहेज प्रथा और बाल मजदूरी पर गहरी चोट की। इस नाटक का आयोजन कर्नल एकेडेमी के बच्चों द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाना था। नाटक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और कलाकारों के अभिनय ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। इस नुक्कड़ नाटक ने यह स्पष्ट कर दिया कि सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए केवल कानून ही काफी नहीं है, बल्कि लोगों की सोच में बदलाव भी जरूरी है। जब तक समाज खुद आगे आकर इन कुरीतियों का विरोध नहीं करेगा, तब तक इनका पूरी तरह से अंत संभव नहीं है। नुक्कड़ नाटक ने मनोरंजन के साथ-साथ एक सशक्त संदेश भी दिया। यह केवल एक प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि समाज के लिए एक आईना थी, जिसमें हमें अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें सुधारने की प्रेरणा मिलती है।
शहर के मुख्य चौराहे, जिसमें कटिहार रेलवे स्टेशन और अड़गड़ा चौक पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें समाज की दो गंभीर समस्याओं – दहेज प्रथा और बाल मजदूरी पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति की। विद्यार्थियों में प्रमुख तस्कीर,अनिश कुमार, हर्ष राज, रोहन राज, संस्कृति, अक्षिता, जनक, अंश राज, वंश विराट, शिवांगी, नीरव, उन्नति सिंह, शुभम कुमार, सृष्टी कुमारी, आशीष कुमार, प्राची, मोनिका कुमारी, उज्जवल इत्पादि विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा अपनी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कर्नल एकेडेमी विद्यालय के प्रमुख कर्नल अक्षय यादव ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार के जन जागरूकता कार्यक्रम आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के विचारों और मानसिकता में परिवर्तन लाना भी उतना ही जरूरी है। नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यम समाज में जागरूकता फैलाने का एक प्रभावी तरीका हैं। यह सीधे लोगों तक पहुंचते हैं और उन्हें सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए हम न केवल समस्याओं को उजागर कर सकते हैं, बल्कि उनके समाधान के प्रति भी लोगों को प्रेरित कर सकते हैं। कर्नल एकेडेमी विद्यालय के निदेशक अरुण कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार के सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाना शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दहेज प्रथा और बाल मजदूरी जैसी कुरीतियाँ न केवल समाज को कमजोर करती हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी प्रभावित करती हैं। एक सशक्त और विकसित समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम अपने बच्चों को सही दिशा और अवसर प्रदान करें। शिक्षा ही वह माध्यम है, जो इन सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म कर सकती है। कर्नल एकेडेमी विद्यालय के प्राचार्य राजीव एंड्रू ने कहा कि इस प्रकार की प्रस्तुतियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो निश्चित रूप से एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकते हैं, जहाँ न दहेज प्रथा होगी और न ही बाल मजदूरी। शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी ही इस दिशा में सबसे बड़े हथियार हैं।

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